Astrology Timepass

Astrology Timepass (एस्ट्रोलॉजी टाइमपास) नहीं है, बल्कि जन्म कुंडली आधारित गंभीर विद्या है। प्रशांत श्रीवास्तव के विचार अनुसार सही ज्योतिष सलाह जीवन दिशा व निर्णय में मदद करती है।

ASTROLOGY

Prashant Srivastava

1/6/20261 min read

ज्योतिष मनोरंजन नहीं है गंभीर विद्या जन्म कुंडली
ज्योतिष मनोरंजन नहीं है गंभीर विद्या जन्म कुंडली

🌟 एस्ट्रोलॉजी (ज्योतिष) — टाइमपास या गंभीर विज्ञान?

प्रशांत श्रीवास्तव जी के अनुसार आजकल कई लोग एस्ट्रोलॉजी (ज्योतिष) को केवल मनोरंजन, टाइमपास या हल्की-फुल्की बात समझ लेते हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर राशिफल पढ़ना, आज का दिन जानना या मज़ाक-मज़ाक में ज्योतिष या इसके विभिन्न अंगो जैसे numerology आदि का प्रयोग करना दिखता है। लेकिन वास्तविक ज्योतिष मनोरंजन नहीं बल्कि जीवन के गहरे सत्य और ग्रह-प्रभावों का वास्तविक विश्लेषण है, जिसे समझने और अभ्यास करने में समय, अनुभव और ज्ञान लगता है।

📜 ज्योतिष शास्त्र का वास्तविक स्वरूप

ज्योतिष शास्त्र वह विद्या है जिसमें व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का लिखित गणितीय और खगोलीय विश्लेषण किया जाता है ताकि जीवन के सम्पूर्ण विवरण और विभिन्न पहलुओं जैसे विवाह, करियर, स्वास्थ्य, धन, संभावनाएं आदि की समझ प्राप्त हो सके। यह केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि जीवन के कर्म, परिस्थितियाँ और ग्रहों के प्रभावों का अध्ययन है।अनुभवी ज्योतिषियों का भी कहना है कि बिना सही जन्म कुंडली के अध्ययन के किसी की जीवन-यात्रा, दशा और ग्रह-भावों को गहराई से समझना संभव नहीं है। इसीलिए कुंडली से ही जन्म kundali अनुसार personalized guidance लिया जाना चाहिए न कि सिर्फ नाम-जन्म तारीख पर आधारित हल्की जानकारी। क्योकि हलकी फुलकी जानकारी अक्सर नुक़सान देती है।

🎯 ज्योतिष मनोरंजन नहीं — जीवन का मार्गदर्शक

अक्सर देखा गया है कि बहुत सारे लोग बिना कोशिश और अनुभव के ज्योतिष को मनोरंजन या मज़ाक की तरह लेते हैं — जैसे रोज-रोज का राशिफल या सोशल मीडिया का राशिफल । लेकिन यह विद्या वास्तविक जीवन के अनुभवों, ग्रह-दशाओं, योगों और भावों पर आधारित होना चाहिए। अनुभवी ज्योतिषी हमेशा समझाते है कि सच्चा ज्योतिष मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह कर्मों, चुनावों और परिस्थितियों को समझने और समाधान का मार्ग निकालने का प्रयास है। जन्म कुंडली, ग्रहों के संयोजन और दशा आदि का विश्लेषण यह दिखाता है कि जीवन के कठिन समय आपको एक ऊँचे उद्देश्य की ओर ले जाने का अवसर होते हैं और उनका सदुपयोग संघर्ष के बाद आपको जीवन में उन्नति की और ले जाने का कारन बनता है।

🧠 प्रशांत श्रीवास्तव के दृष्टिकोण के आधार पर विचार

ज्योतिषी प्रशांत श्रीवास्तव जैसे अनुभवी सलाह देते हैं कि ज्योतिष को केवल मज़ाक या ऑनलाइन वीडियो-पोस्ट्स के रूप में न लिया जाए, बल्कि इसे गहन अध्ययन और परामर्श के रूप में समझा जाना चाहिए। वास्तविक ज्योतिष में:

जन्म कुंडली के ग्रह-भाव, लग्न, दशा-भाषा का विश्लेषण होता है।
• जीवन के कर्मों, निर्णयों और संभावनाओं का गहरा अध्ययन किया जाता है।
• हर ग्रह के शुभ-अशुभ प्रभाव को संतुलित समझ कर उपाय सुझाए जाते हैं।

यह वह प्रक्रिया है जिसमें समय, अनुभव और ज्ञान दोनों शामिल होते हैं — इसलिए सच्चा ज्योतिष मनोरंजन नहीं बल्कि जीवन दिशा निर्धारित करने वाला मार्गदर्शक है।

📌 ज्योतिष के सही मायने

🔹 ज्योतिष मनोरंजन नहीं है — यह जीवन के अनुभवों, ग्रह की गतियों, प्रारब्ध और कर्मों का विश्लेषण है।
🔹 यह शॉर्टकट सीखने, timepass या मज़ाक में लेने की विद्या नहीं है — इसे समझने, ग्राह्य करने और व्यावहारिक निर्णयों में सहायता के लिए लिया जाना चाहिए।
🔹 जन्म-समय आधारित कुंडली ही सही मार्गदर्शन देती है — नाम, जन्मतिथि या राशिफल पढ़ने की सामान्य जानकारी पर निर्णय नहीं लेना चाहिए।

📌 Frequently Asked Questions (FAQ)

1. क्या ज्योतिष सिर्फ़ टाइमपास या मनोरंजन है?

नहीं ज्योतिष सिर्फ़ मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह एक अति प्राचीन विज्ञानं है जो जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का विश्लेषण करके व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रो और पहलुओं का निर्धारण करता है। यह हमारे कर्म को ज्योतिष अनुसार बकर के जीवन के विभिन्न क्षेत्रो जैसे सम्बन्ध, करियर, धन आदि में सही दिशा प्राप्त की जा सकती है।

2. जन्म कुंडली क्यों ज़रूरी है ज्योतिष के लिए?

जन्म कुंडली व्यक्ति के जन्म समय, तिथि और स्थान के अनुसार प्रथम नक्षत्रो के आधार पर ग्रहों की और अन्य विवरण को दर्शाती है। इसे देखकर ही ग्रह-भाव, दशा आदि और जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रो के बारे में सही विश्लेषण कर वास्तविक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

3. राशिफल (Zodiac) क्या है और इसका क्या महत्व है?

राशिफल राशि (Zodiac sign)के आधार पर ग्रहों के परिणाम का असर आपके व्यक्तित्व, रूचि, शक्तियों और यहाँ तक की चुनौतियों को बताता है। हालांकि राशिफल सामान्य जानकारी देता है, व्यक्तिगत सलाह के लिए जन्म कुंडली ही ज़्यादा महत्वपूर्ण है।

4. क्या ज्योतिष predictions वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं?

ज्योतिष ही दुनिया का एकमात्र विज्ञानं है ऐसा प्रशांत जी का मानना है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण भी है, सिर्फ ज्योतिष के माध्यम से व्यक्ति की प्रवृत्तियों और संभावनाओं पर सटीक दिशा एवं गहन अंतर्दृष्टि दी जा सकती है।

5. जन्म कुंडली में ग्रहों का क्या प्रभाव होता है?

जन्म के समय ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, शिक्षा, करियर, स्वस्थ्य और जीवन की परिस्थितियों पर प्रभाव डालती है। कुंडली से यह पता चलता है कि कब अवसर आएँगे और कौन-सी चुनौतियाँ आ सकती हैं। कुंडली में ग्रहस्तिथि नक्षत्रो के आधार पर तय होती है।

6. क्या ज्योतिष व्यक्ति के भविष्य की सटीक भविष्यवाणी कर सकती है?

निश्चित रूप से ज्योतिष व्यक्ति के जीवन की और भविष्य की सटीक भविष्यवाणी कर सकती है। यह व्यक्ति के choices, मेहनत और ग्रह-स्थिति की सामंजस्य को सही ढंग से इस्तेमाल करने में सहायक होती है।

7. जन्म कुंडली के बिना सलाह लेना कितना सही है?

एक ज्योतिषी तभी अधिक स्पष्ट, संतुलित और वैयक्तिक सलाह दे सकता है जब उसके पास व्यक्ति की जन्म कुंडली (समय, तिथि, स्थान) उपलब्ध हो साथ ही बिना कुंडली आपके हस्त रेखा , साथे ही ज्योतिष की अन्य विधियों से सलाह दी जा सकती है और भविष्य भी बताया जा सकता है ।

8. ज्योतिषी का मुख्य काम क्या है?

ज्योतिषी जन्म कुंडली, हाँथ आदि का का उचित विश्लेषण करके व्यक्ति को उचित समय, मार्गदर्शन, संबंध, करियर, स्वास्थ्य, धन व भाग्य संबंधी सलाह देता है। यह मनोरंजन नहीं बल्कि गंभीर सलाह होती है।

9. क्या ज्योतिष सिर्फ भारत में ही मान्य है?

नहीं। अलग-अलग संस्कृति और परंपरा में ग्रह-नक्षत्रों पर आधारित भारतीय ज्योतिष के विचार मौजूद हैं। यह हज़ारो साल से लोगों द्वारा जीवन दिशा हेतु उपयोग किया जाता रहा है।